शनिवार, 18 जून 2016

रघुराम बाहर, चेतन अंदर !!

भाई अपनी अपनी पसंद है हमारी मर्ज़ी जिसे चाहें निकाले जिसे चाहें रक्खें ....... आपसे क्या मतलब ? देश तो चलता रहेगा ये सब तो रोज की बात है राजनीती में तो होता ही रहता है ..... आज रघुराम को निकलने पे मजबूर किया है तो चेतन चौहान को रक्खा भी तो है ...... आप सब की तो आदत है हर बात पे मोदी को कोसने की |
     वैसे भक्त कोई सनसनीखेज एंगल दे कर सब कुछ ‪केजरीवाल पर क्यों नहीं दाल देते ! मोदी भी बच जाएंगे और केजरीवाल को बदनाम भी कर देंगे !! बस इसबार थोड़ा ध्यान देना कैराना जैसी कोई कमजोर स्क्रिप्ट मत लिखना ....... वरना फिर कहीं दो दिन में ना पोल खुल जाए !!

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